Yoga Vasistha — Nirvana Prakarana Uttara (Liberation, Part 2), Sarga 37, Verse 13
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध), सर्ग 37, verse 13 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध) · सर्ग 37 · श्लोक 13
संस्कृत श्लोक
तत्सद्भावान्महद्दुःखमसद्भावान्महत्सुखम् ।
अभावः सोपपत्तिस्तु दृढतां याति भावनात् ॥ १३ ॥
हिन्दी अर्थ
दृश्य के सद्भाव
में महादुःख है और असद्भाव में महान् सुख है । निदिध्यासन से मननसहित अभाव शब्दज्ञानकृत
बाध दृढता को प्राप्त हो जाता है