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Yoga Vasistha — Nirvana Prakarana Uttara (Liberation, Part 2), Sarga 48, Verse 24

यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध), सर्ग 48, verse 24 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।

निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध) · सर्ग 48 · श्लोक 24

संस्कृत श्लोक

तस्मादिमाः प्रसूयन्ते सर्गप्रलयविक्रियाः । अकारणं कारणतो गतयः पवनादिव ॥ २४ ॥

हिन्दी अर्थ

इसीलिए श्रुति में बतलाई यह जन्मादिकारणता उसमें है, यह कहते हैं । यद्यपि वास्तव में आत्मा कारण नहीं है, तथापि कारणरूप हुए उसी आत्मा से, पवन से पवन- गतियों की नाई, ये सृष्टि, प्रलय आदि विकार उत्पन्न होते हैं