Yoga Vasistha — Nirvana Prakarana Uttara (Liberation, Part 2), Sarga 59, Verse 9
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध), सर्ग 59, verse 9 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध) · सर्ग 59 · श्लोक 9
संस्कृत श्लोक
यदेति चिन्तयित्वाहं भूयोभूयो विलोकयन् ।
शब्देश्वरं न पश्यामि तदा चिन्तितवानिदम् ॥ ९ ॥
हिन्दी अर्थ
उस तरह विचारकर बार-बार चारों ओर खूब देखा, परन्तु जब शब्द
करनेवाले का दर्शन नहीं हुआ, तब इस तरह विचारने लगा