Yoga Vasistha — Nirvana Prakarana Uttara (Liberation, Part 2), Sarga 6, Verse 30
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध), सर्ग 6, verse 30 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध) · सर्ग 6 · श्लोक 30
संस्कृत श्लोक
येषां विनाशनं नासीद्यैर्भुक्तं भुवनत्रयम् ।
तेऽपि तेऽप्यचिरेणैव समं भस्मपदं गताः ॥ ३० ॥
हिन्दी अर्थ
भगवन्, जिन हिरण्यकशिपु आदि राजाओं ने तीनों लोक का चिरकाल तक लगातार मनमाना भोग
किया तथा जिनके विनाश का साधन इस संसार में कुछ नहीं था, वे सब भी शीघ्र ही भस्मपद को
प्राप्त हो गये नामावशेष हो गये