Yoga Vasistha — Nirvana Prakarana Uttara (Liberation, Part 2), Sarga 67, Verse 11
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध), सर्ग 67, verse 11 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध) · सर्ग 67 · श्लोक 11
संस्कृत श्लोक
क्वर्षिभूपालमुनयः क्व नयापनयक्रमः ।
क्व पञ्चयामयामिन्यः क्व स्वर्गनरकभ्रमः ॥ ११ ॥
हिन्दी अर्थ
कहाँ ऋषि और
राजा हैं, कहाँ उनमें मुनि हैं, कहाँ नीति-अनीति की रीति है, कहाँ हेमन्त की रात्रियाँ हैं और कहाँ
है-स्वर्ग-नरक के विभ्रम ?