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Yoga Vasistha — Nirvana Prakarana Uttara (Liberation, Part 2), Sarga 69, Verse 23

यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध), सर्ग 69, verse 23 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।

निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध) · सर्ग 69 · श्लोक 23

संस्कृत श्लोक

किमिदं भूतभव्येश यदियं मामुपागता । वक्ति ज्ञानगिरास्मांस्त्वं बोधयेति प्रयत्नतः ॥ २३ ॥

हिन्दी अर्थ

हे भूतभव्य के स्वामिन्‌, यह विद्याधरी यत्नपूर्वक मेरे पास आकर कहती है कि तुम हम लोगों को बोध वचनों से उपदेश दो । क्या उसका यह कहना उचित है या अनुचित ?