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Yoga Vasistha — Nirvana Prakarana Uttara (Liberation, Part 2), Sarga 69, Verse 24

यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध), सर्ग 69, verse 24 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।

निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध) · सर्ग 69 · श्लोक 24

संस्कृत श्लोक

भवान्भूतेश्वरो देव सकलज्ञानपारगः । इयं तु काममूर्खा किं ब्रूते ब्रूहि जगत्पते ॥ २४ ॥

हिन्दी अर्थ

हे देव, आप सब प्राणियों के स्वामी हैं समस्त ज्ञानं के पारंगत हैं, अत: यह काममुग्धा स्त्री क्या कह रही है ? इसे हे जगत्पते कहिए