Yoga Vasistha — Nirvana Prakarana Uttara (Liberation, Part 2), Sarga 72, Verse 6
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध), सर्ग 72, verse 6 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध) · सर्ग 72 · श्लोक 6
संस्कृत श्लोक
प्रलयोन्मुखतां याते ब्राह्मे संकल्पनेन्धने ।
सिद्धानां गतयः शेमुरिद्धानामर्चिषामिव ॥ ६ ॥
हिन्दी अर्थ
ब्रह्माजी का संकल्परूप इन्धन जब प्रलयोन्मुख हो
गया, तब दीप्त ज्योतियों के सदृश सिद्धं की गतियाँ (सिद्धियाँ) भी शान्त हो गई