Yoga Vasistha — Nirvana Prakarana Uttara (Liberation, Part 2), Sarga 74, Verse 12
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध), सर्ग 74, verse 12 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध) · सर्ग 74 · श्लोक 12
संस्कृत श्लोक
जलैर्गुडगुडायन्त्यो नद्यो नाड्यः सरिद्रसः ।
जम्बूद्वीपं हृदम्भोजमस्य हेमाद्रिकर्णिकम् ॥ १२ ॥
हिन्दी अर्थ
जलो से गुड-गुड शब्द करनेवाली नदियाँ उसकी
नाड़ीयाँ हैं तथा नदियों का जल उसके शरीर का रस है ओर हेमाद्रिकर्णिकासहित जम्बूद्वीप
उसका हृदयकमल हैं