Yoga Vasistha — Nirvana Prakarana Uttara (Liberation, Part 2), Sarga 75, Verse 61
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध), सर्ग 75, verse 61 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध) · सर्ग 75 · श्लोक 61
संस्कृत श्लोक
लकुटोपललोष्टौघैरयुध्यन्तेव भूभृतः ।
ज्वालाघनघटाटोपसावतंसचलान्तिमाः ॥ ६१ ॥
हिन्दी अर्थ
और सुनिये-ये सभी पर्वत ज्वालाओं के घनघटाटोपों से मुकुटसहित
चंचल अग्र शिखरोंवाले होते हुए आकाश में विकसित हो रहे महाकमलों के अनेकों जंगल-जैसे हो
गये