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Yoga Vasistha — Nirvana Prakarana Uttara (Liberation, Part 2), Sarga 77, Verse 9

यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध), सर्ग 77, verse 9 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।

निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध) · सर्ग 77 · श्लोक 9

संस्कृत श्लोक

गङ्गा तरङ्गिका येषां तादृशैः सरितां गणैः । अभ्रैरिव नभोभीमैः पूर्यमाणाखिलार्णवम् ॥ ९ ॥

हिन्दी अर्थ

भद्र. उस समय त्रिलोकी के सारे समुद्र नदियों के समूहों से परिपूर्ण हो रहे थे जिनमें गंगाजी एक तरंग-सी प्रतीत हो रही थीं तथा वे समुद्र आकाशमण्डल के भयंकर मेघों के सदृश थे