Guru's AddaGuru's Adda

Yoga Vasistha — Nirvana Prakarana Uttara (Liberation, Part 2), Sarga 78, Verse 24

यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध), सर्ग 78, verse 24 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।

निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध) · सर्ग 78 · श्लोक 24

संस्कृत श्लोक

धारात्रिपथगापूरैर्निपतद्भिर्निरन्तरम् । मग्नोन्मग्नो ह्यमानाद्रिशृङ्गडिण्डीरबुद्बुदः ॥ २४ ॥

हिन्दी अर्थ

निरन्तर गिर रही धाराओं से सुशोभित गंगाजी की बाढ़ से वह परिपूर्ण था। उसमें पर्वतशिखर के डूबने ओर उतराने से पानी के झाग और बुलबुले उठ रहे थे