Yoga Vasistha — Nirvana Prakarana Uttara (Liberation, Part 2), Sarga 79, Verse 16
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध), सर्ग 79, verse 16 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध) · सर्ग 79 · श्लोक 16
संस्कृत श्लोक
स्वप्नानुभव एषोऽत्र दृष्टान्तत्वेन लक्ष्यते ।
आबालमेतत्संसिद्धमनुभूतं श्रुतं स्मृतम् ॥ १६ ॥
हिन्दी अर्थ
हे श्रीरामचन्द्रजी, इस विषय में स्वप्न का अनुभव ही दृष्टान्तरूप से लक्षित है । यह वृद्ध से लेकर
एक बच्चे तक सबको अनुभूत है, श्रुतिसिद्ध (७) है तथा पुराणादि में प्रतिपादित है