Yoga Vasistha — Nirvana Prakarana Uttara (Liberation, Part 2), Sarga 81, Verse 13
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध), सर्ग 81, verse 13 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध) · सर्ग 81 · श्लोक 13
संस्कृत श्लोक
तथा नाम सुदीर्घा सा यथा तस्याः शिरःखुरम् ।
मया दृष्टं प्रयत्नेन चिरोर्ध्वाधोगमागमैः ॥ १३ ॥
हिन्दी अर्थ
हे श्रीरामचन्द्रजी,
वह इतनी अधिक लम्बी थी कि हजारों वर्षो तक ऊपर-नीचे आ-जाकर भने योगबल से उसके
सिर ओर पाद नखों का अवलोकन किया