Yoga Vasistha — Nirvana Prakarana Uttara (Liberation, Part 2), Sarga 84, Verse 11
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध), सर्ग 84, verse 11 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध) · सर्ग 84 · श्लोक 11
संस्कृत श्लोक
प्रोक्ता पराजिता वीर्याद्दुर्गा दुर्ग्रहरूपतः ।
ओंकारसारशक्तित्वादुमेति परिकीर्तिता ॥ ११ ॥
हिन्दी अर्थ
महाशक्ति के कारण अपराजिता, उसका स्वरूप दुर्निग्रह होने के कारण दुर्गा,
तथा ॐकार की सारभूत शक्ति होने के कारण उमा भी वही कही जाती है