Yoga Vasistha — Nirvana Prakarana Uttara (Liberation, Part 2), Sarga 86, Verse 47
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध), सर्ग 86, verse 47 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध) · सर्ग 86 · श्लोक 47
संस्कृत श्लोक
पश्याम्यम्बरमाक्रान्तं क्वचिद्वै कालनेमिना ।
क्वचिच्चापसुरैर्नित्यं दानवैरेव पालितम् ॥ ४७ ॥
हिन्दी अर्थ
कहीं पर सारा जगत् देवों को हटाकर दानवो
द्वारा पालित था ओर कहींपर दानवो को हटाकर देवों द्वारा ही पालित था