Yoga Vasistha — Nirvana Prakarana Uttara (Liberation, Part 2), Sarga 93, Verse 60
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध), सर्ग 93, verse 60 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध) · सर्ग 93 · श्लोक 60
संस्कृत श्लोक
न मे मनोरमाः कामा न च रम्या विभूतयः ।
इदं मत्ताङ्गनापाङ्गभङ्गलोलं च जीवितम् ॥ ६० ॥
हिन्दी अर्थ
न तो स्त्रियँ ही अच्छी हैँ ओर न अनेक
तरह की भौतिक विभूतियाँ (एश्वर्य) ही रमणीय है यानी बहुत जल्द ही नष्ट हो जानेवाली
है