Yoga Vasistha — Nirvana Prakarana Uttara (Liberation, Part 2), Sarga 93, Verse 76
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध), सर्ग 93, verse 76 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध) · सर्ग 93 · श्लोक 76
संस्कृत श्लोक
आयुर्याति निरायासपदप्राप्तिविवर्जितैः ।
उदर्कभङ्गुराकारैः करालैः कष्टचेष्टितैः ॥ ७६ ॥
हिन्दी अर्थ
यह आयु तो आयासशून्य आत्मा की प्राप्ति कराने में सामर्थ्यरहित,
भयंकर तथा परिणाम में नष्ट होनेवाली अनेक कष्टदायक चेष्टाओं से व्यर्थ ही चली जाती है