Guru's AddaGuru's Adda

Yoga Vasistha — Nirvana Prakarana Uttara (Liberation, Part 2), Sarga 94, Verse 6

यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध), सर्ग 94, verse 6 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।

निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध) · सर्ग 94 · श्लोक 6

संस्कृत श्लोक

प्रणामपूर्वमन्योन्यमथ कृत्वा विसर्जनम् । गतः सोऽभिमतं देशमहं चाभिमतं गतः ॥ ६ ॥

हिन्दी अर्थ

परस्पर प्रणामपूर्वक एक दूसरे को विदा कर वह सिद्ध अपने अभीष्ट देश को चला गया और मैं भी अपने अभिमत देश में आ गया अर्थात्‌ वह सिद्ध नन्दन वन को गये और मैं सप्तर्षि लोकों में आया